Thursday, June 26, 2008

परंपरा का पानी


पर्यावरण से जुड़े मसलों पर जज्बाती नजरिया, हम सब मानते हैं, आवश्यक है। संभवतः तभी पंचतत्वों को हमारे वंशज भोग पाने में समर्थ हो पाएंगे। जज्बात डॉट ब्लॉगस्पॉट डॉट कॉम में संबंधित मुद्दों पर आवाज लिखी देखी जा सकती है उन तथ्यों और आंकड़ों द्वारा, जिनका जिक्र ब्लॉगर ने अपने यहां किया है। हालांकि बात यहां गांधी पर भी होती है। कुल मिला कर, विकास से जुड़े पहलू यहां उठाए गए हैं। इसका लिंक है-

http://jajbat.blogspot.com/

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